महामारी के दौर में वित्तीय संकट से जूझ रही ब्रिटेन की सबसे अमीर कैंब्रिज यूनिवर्सिटी, सरकार से की सहायता की सिफारिश

ब्रिटेन के सबसे बड़े और अमीर उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक कैंब्रिज यूनिवर्सिटी पर भी कोरोना महामारी का असर देखने को मिल रहा है। दरअसल यूनिवर्सिटी महामारी के चलते वित्तीय संकट से जूझ रही है, जिसके बाद अब यूनिवर्सिटी ने सरकार से वित्तीय सहायता की सिफारिश की है। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर स्टीफन टूप ने महामारी की वजह से संस्था को करोड़ों पाउंड का नुकसान होने की आशंका जताई है। इस बारे में उन्होंने सभी कर्मचारियों और स्टूडेंट्स को एक ईमेल में बताया कि वेतन रुकने और कटौती जैसी स्थिति से बचने के लिए वह सरकार से सहायता की उम्मीद कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स की संख्या में आई गिरावट

उन्होंने यह भी बताया कि अगला शैक्षणिक साल यूनिवर्सिटी के लिए तनावपूर्ण रह सकता है। दरअसल, महामारी की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स की संख्या में आई गिरावट की वजह से विश्वविद्यालय को यह वित्तीय संकट झेलना पड़ रहा है। अपने ईमेल में प्रोफेसर टूप ने यह भी लिखा कि हमेशा की तरह व्यापार में तेजी आने पर मंदी खुद खत्म होने के बाद भी कॉलेजिएट यूनिवर्सिटी को कई सैकड़ों मिलियन पाउंड की कमी हो सकती है। ऐसे में लंबे समय तक चलने वाली आर्थिक मंदी की वजह से विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण बदलावों की आवश्यकता होगी।

इस सालऑनलाइन लेक्चरर्स लेगी यूनिवर्सिटी

पिछले हफ्ते ही यूनिवर्सिटी ने इस पूरे वर्ष ऑनलाइन लेक्चरर्स आयोजित करने का फैसला लिया था। इसके बाद अब 800 साल पुरानी इस यूनिवर्सिटी में कई तरह की खर्च कटौती को लेकर भी विश्लेषण किया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक सोशल डिस्टेंस जैसे हालात सितंबर तक रहने पर 5 में से 1 स्टूडेंट्स ने इस साल पढ़ाई ड्राप करने का फैसला किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि ऐसा होता है तो ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों को करीब 760 मिलियन पाउंड का नुकसान हो सकता है। वही इस बारे में जब प्रधानमंत्री से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि अगले साल तक सभी विश्वविद्यालयों में आमने- सामने पढ़ाई हो सकेंगी।

सालाना 2.3 बिलियन पाउंड का खर्च

मौजूदा समय में कैंब्रिज के केंद्रीय विश्वविद्यालय की एंडोवमेंट फंड का मूल्य 3.4 बिलियन पाउंड है, जबकि यूनिवर्सिटी के पास 5.2 बिलियन पाउंड की कुल संपत्ति है, जिसमें अचल संपत्तियों का मूल्य भी शामिल है। इसमें से यूनिवर्सिटी की तरफ से सालाना 2.3 बिलियन पाउंड खर्च किया जाता है।



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Cambridge University, facing financial crisis in times of epidemic due to lack of incoming foreign students, recommends government support


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