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Showing posts from July, 2020

मौजूदा माहौल में स्टूडेंट्स के लिए प्लानिंग, प्रैक्टिस और पेशेंस जरूरी, परेशानी खत्म करने के लिए अपनाएं यह टिप्स

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इस लॉकडाउन से न केवल भारत में, बल्कि दुनियाभर में शिक्षा जगत पर गहरा प्रभाव पड़ा है। कहीं ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं तो कई कॉलेज ने परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जानिए, इस दौर में छात्र क्या करें जिससे दिक्कतें खत्म हो सकें। ये हैं परेशानियां तकनीक : टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रयोग के साथ ही हर छात्र को अब इंटरनेट और स्मार्टफोन की जरूरत है। उनमें तकनीकी ज्ञान भी जरूरी है, ताकि वह अन्य की तुलना में पीछे न रह जाएं। तनाव : भविष्य में आने वाले बदलाव की कोई जानकारी नहीं है, इसीलिए कई प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार के अवसरों, शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सकता। सुरक्षा : स्कूल या कॉलेज पुनः प्रारंभ होने पर भी छात्रों को सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा, जिससे पूर्व की तरह सामान्य रूप से पढ़ाई या परीक्षाएं आयोजित करना संभव नहीं। फील्ड-वर्क : डिजिटल क्लास फील्ड ट्रिप, लैब एक्सपेरिमेंट और आउटडोर एक्टिविटी जैसे अनुभवों की जगह नहीं ले सकते हैं। रुकावट : पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हुआ है। फिर से शैक्षणिक सत...

स्कूलों के क्लस्टर बनेंगे; शिक्षक समेत सभी संसाधन साझा हो सकेंगे, प्रोफेशनल और क्वालिटी लेवल के लिए गठित होगी स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड्स अथाॅरिटी

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नई शिक्षा नीति में सरकारी स्कूलाें के प्रशासन में बड़ा बदलाव किया गया है। अब काॅम्प्लेक्स या क्लस्टर के ताैर पर स्कूलाें का प्रबंधन होगा। ये क्लस्टर स्कूल शिक्षा में गवर्नेंस की मूल इकाई हाेंगे। स्कूल काॅम्प्लेक्स के तहत आसपास के छाेटे स्कूलाें काे एक सांगठनिक और प्रशासनिक इकाई के तहत लाया जाएगा। एक सेकंडरी स्कूल इनमें प्रमुख हाेगा, जबकि उसके आसपास के इलाके के सभी सरकारी स्कूल इसके तहत आएंगे। इससे इन सभी स्कूलाें के संसाधनाें काे आपस में साझा करने में मदद मिलेगी। शिक्षक समेत सभी संसाधन हो सकेंगे साझा एक प्रबंधन हाेने के चलते इन स्कूलाें में पुस्तकालय, प्रयाेगशाला, साेशल वर्कर, काउंसलर और विशेष विषयाें के शिक्षकाें जैसे संसाधन साझा किए जा सकेंगे। इसके अलावा देशभर में एक सरकारी और एक निजी स्कूल काे साथ जाेड़ने की बात भी नीति में है। स्कूल की मुफ्त बुनियादी सुविधाओं का इस्तेमाल सामाजिक चेतना केंद्रों के रूप में भी करने की बात नीति में शामिल की गई है। SSSA का होगी गठन यह सामाजिक, बाैद्धिक और स्वयंसेवी गतिविधियाें काे बढ़ावा देगा। स्कूलाें के लिए शाॅर्ट टर्म और लाॅन्ग टर्म प्लान भी तैय...

अब स्कूलों में 5वीं तक मातृभाषा में होगी पढ़ाई, इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई की अनिवार्यता खत्म, संस्कृत के साथ तीन भारतीय भाषाओं का होगा विकल्प

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34 साल बाद शिक्षा नीति में हुए बदलाव में सरकार ने भाषा से जुड़े भी कई अहम बदलाव किए हैं। इसके तहत सरकार ने त्रिभाषा फार्मूला अपनाया है। यानी कि अब बच्चों के लिए पांचवी तक उनकी मातृभाषा क्षेत्रीय या स्थानीय भाषा का उपयोग किया जाएगा। हालांकि किया पर भी यह भाषा थोपी नहीं जाएगी। किसी पर थोपी नहीं जाएगी भाषा इस बारे में एजुकेशन पॉलिसी ड्राफ्टिंग कमिटी के अध्यक्ष के कस्तूरीरंगन कहते है कि पांचवी तक मातृभाषा में पढ़ाई करना किसी पर भी भाषा थोपना नहीं है। वे कहते हैं कि कक्षा पांचवी तक शिक्षा के माध्यम के रूप में स्थानीय भाषाओं को अपनाना शिक्षा के शुरुआती चरण में महत्वपूर्ण है। इस उम्र में सिद्धांतों को समझना और रचनात्मकता प्रदर्शित करने में बच्चे की ताकत बेहतर ढंग से प्रदर्शित होती है। स्कूलों में होगा त्रिभाषा फॉर्मूला स्कूली शिक्षा में अब त्रिभाषा फॉर्मूला चलेगा। इसमें संस्कृत के साथ अन्य तीन भारतीय भाषाओं का विकल्प होगा। साथ ही इलेक्टिव में विदेशी भाषा चुनने की भी आजादी होगी। यह पहली बार होगा जब भारतीय भाषाओं को तवज्जो देने के साथ उसे सहेजने और लुप्त होती भाषाओं को बचाने पर जोर दिया जा...

मोदी सरकार UGC, AICTE और NCTE को खत्म करेगी, अब देश में सिर्फ एक रेगुलेटरी बॉडी हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया होगी

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केंद्रीय सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में नई शिक्षा नीति (National Education Policy 2020) को मंजूरी दे दी। 1986 के बाद पहली बार यानी 34 साल बाद देश की शिक्षा नीति बदलाव किया गया है। इसके तहत बच्चे के प्राइमरी स्कूल में एडमिशन से लेकर हायर एजुकेशन और फिर जॉब फोर्स से जुड़ने तक काफी बदलाव किए गए हैं। हायर एजुकेशन के लिए देश में एक ही रेगुलेटर उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अब देश में हायर एजुकेशन के लिए एक ही रेगुलेटरी बॉडी होगी। वर्तमान में हायर एजुकेशन के लिए UGC,AICTE और NCTE जैसी रेगुलेटरी बॉडी काम करती है। लेकिन अब इन्हें खत्म कर हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया (HECI) स्थापित किया जाएगा, जो चार वर्टिकल में काम करेगा। नेशनल हायर एजुकेशन रेगुलेटरी काउंसिल (NHERC)- यह टीचर एजुकेशन समेत हायर एजुकेशन की फील्ड में सामान्य और सिंगल प्वाइंट रेगुलेटर के रूप में कार्य करेगा। हालांकि, मेडिकल और लॉ एजुकेशन इससे बाहर होंगे। नेशनल एक्रीडिटेशन काउंसिल (NAC)- इसके तहत इंस्टिट्यूट का सत्यापन मुख्य रूप से बुनियादी मानदंडों, पब्लिक डिस्क्लोजर, सुशासन और परिणाम...

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन ने रद्द की प्रवेश परीक्षा, मेरिट और ऑनलाइन इंटरव्यू के आधार पर होगा एडमिशन

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन (IIMC) ने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाले एंट्रेंस एग्जाम को रद्द कर दिया है। संस्थान के इस फैसले के बाद अब IIMC में पीजी डिप्लोमा कोर्सेस में मेरिट के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा। आधारित प्रवेश प्रक्रिया को अपनाते हुए क्वालिफाईंग एग्जाम में उम्मीदवारों के अंकों के आधार पर प्रवेश देने का निर्णय किया है। दरअसल, देश में कोरोना के कारण बने हालातों को देखते हुए लिया है। ऑनलाइन इंटरव्यू भी होगा इंस्टीट्यूट ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर बताया कि अब उम्मीदवारों को क्वालिफाईंग परीक्षा यानी ग्रेजुएशन के साथ ही इंटरमीडिएट और मैट्रिकुलेशन परीक्षाओं के मार्क्स के वेटेज के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा। इसके बाद संस्थान द्वारा ऑनलाइन इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। नए सत्र से ऑनलाइन होगी क्लासेस IIMC की तरफ से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक नए सत्र में सभी पाठ्यक्रमों में पहले सेमेस्टर के लिए कक्षाओं का आयोजन ऑनलाइन मोड से किया जाएगा। ऑनलाइन क्लासेस के लिए शेड्यूल बाद में जारी किया जाएगा। वहीं, ऑनलाइन कक्षाओं के लिए आवश्यक लैप...

सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में लागू होंगे एक जैसे नियम, बैग का बोझ होगा कम, प्रैक्टिकल और प्राब्लम सॉल्विंग पर फोकस

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केंद्रीय सरकार द्वारा मंजूर नई शिक्षा नीति 2020 के बाद अब देश की शिक्षा प्रणाली में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। इसका मकसद सभी बच्चों को साल 2030 स्कूली शिक्षा से जोड़ना या हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना है। इसके लिए केंद्र सरकार ने कई बड़े बदलाव करते हुए पहली बार सरकारी और निजी स्कूलों में एक नियम लागू करने का फैसला किया है। अब राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण में अब सभी सरकारी और निजी स्कूल शामिल होंगे। इससे प्राइवेट स्कूलों की फीस, पाठ्यक्रम तथा वेतन आदि पर लगाम लगेगी। सरकार द्वारा लाई गई नई शिक्षा नीति के लक्ष्य ECCE (Early childhood care and education) से सेकंडरी सभी तक पहुँचना। सभी बच्चों के लिए निष्पक्षता और समावेशन सुनिश्चित करना। स्कूल छोड़ चुके 2 करोड़ बच्चों को वापस स्कूल लाना। माध्यमिक शिक्षा पूरी होने तक सभी बच्चों के लिए SDG लक्ष्यों को प्राप्त करना। सीखने के परिणामों की गुणवत्ता और उपलब्धि में सुधार करना। टीचिंग,लर्निंग और असेसमेंट में 21वीं सदी की स्किल्स पर फोकस करना। स्कूल परिसर में संसाधनों का साझाकरण सीखने की प्रक्रिया में भाषा की बाधा को पार करना सरकारी और प्राईवेट...

नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के बारे में वह सबकुछ जो आपके और आपके बच्चों के लिए जानना जरूरी है

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केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को नई शिक्षा नीति (National Education Policy 2020) को मंजूरी दे दी है। 1986 के बाद पहली बार यानी 34 साल बाद देश की शिक्षा नीति बदल रही है। इसमें बच्चे के प्राइमरी स्कूल में एडमिशन से लेकर हायर एजुकेशन कर जॉब फोर्स से जुड़ने तक काफी बदलाव किए गए हैं। नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट इसरो के वैज्ञानिक रह चुके शिक्षाविद के. कस्तूरीरंगन के नेतृत्व वाली कमेटी ने बनाया है। शिक्षा नीति लाने की जरूरत क्यों महसूस की गई? इससे पहले की शिक्षा नीति 1986 में बनाई गई थी। उसमें ही संशोधन किए गए थे। लंबे समय से बदले हुए परिदृश्य में नई नीति की मांग हो रही थी। 2005 में करिकुलम फ्रेमवर्क भी लागू किया गया था। एजुकेशन पॉलिसी एक कॉम्प्रेहेंसिव फ्रेमवर्क होता है जो देश में शिक्षा की दिशा तय करता है। यह पॉलिसी मोटे तौर पर दिशा बताता है और राज्य सरकारों से उम्मीद है कि वे इसे फॉलो करेंगे। हालांकि, उनके लिए यह करना अनिवार्य नहीं है। ऐसे में यह पॉलिसी सीबीएसई तो लागू करेगी ही, राज्यों में अपने-अपने स्तर पर फैसले लिए जाएंगे। यह बदलाव जल्द नहीं होंगे बल्कि इसमें समय लग सकता है। यह एक प्रक...

10+2 फाॅर्मूला खत्म; अब 5+3+3+4 पैटर्न के आधार पर होगी पढ़ाई, 12वीं तक कुल 15 साल लगेंगे

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केंद्र सरकार ने बुधवार काे नई शिक्षा नीति काे मंजूरी दे दी। इसमें स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बड़े बदलाव हैं। अब स्कूली शिक्षा के लिए 10+2 फाॅर्मूले के बजाय 5+3+3+4 का पैटर्न अपनाया जाएगा। पांचवीं तक बच्चे मातृ भाषा या क्षेत्रीय भाषा में ही पढ़ेंगे। छात्राें काे मनपसंद विषय चुनने के कई विकल्प मिलेंगे। आर्ट्स-साइंस, करिकुलर-एक्स्ट्रा करिकुलर और व्यावसायिक- शैक्षणिक विषयों के बीच अंतर नहीं हाेगा। छठी से काेडिंग सिखाई जाएगी। छठी कक्षा से ही व्यावसायिक शिक्षा शुरू हो जाएगी। इसमें इंटर्नशिप भी शामिल होगी। 34 साल बाद शिक्षा नीति में बदलाव 21वीं सदी में यह भारत की पहली शिक्षा नीति है। भारत ने 34 साल बाद अपनी शिक्षा नीति बदली है। इससे पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1986 में शिक्षा नीति बनवाई थी। शिक्षा नीति पर कैबिनेट बैठक में हुए फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने बताया कि शिक्षा पर जीडीपी का 4.4% खर्च हो रहा है। इसे 6% किया जाएगा। नई शिक्षा नीति में मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय किया गया है। ऐसे समझें 5+3+3+4...

आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस सिस्‍टम से जोड़ा जाएगा रिपोर्ट कार्ड, स्टूडेंट्स के लिए आठ भाषाओं में उपलब्‍ध होंगे ऑनलाइन ई-कोर्स

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भारत सरकार द्वारा मंजूर की गई नई शिक्षा नीति के मुताबिक बच्चों का रिपोर्ट कार्ड आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस सिस्‍टम से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में रिपोर्ट कार्ड में सिर्फ दो ही पेज होते है। इसके पहले एक पेज पर मार्क्स लिखे होते हैं, जबकि दूसरी साइड पर बच्चों की परफॉर्मेस के बारे में कमेंट लिखे होते हैं। लेकिन अब नए रिपोर्ट कार्ड में तीन तरह के मूल्‍यांकन किए जाएंगे। इसमें पहला मूल्‍यांकन खुद बच्‍चे की तरफ से किया जाएगा। वहीं, दूसरा मूल्‍यांकन उसके सहपाठी करेंगे और तीसरा मूल्‍यांकन बच्चे के शिक्षक द्वारा किया जाएगा। रिपोर्ट कार्ड में हर साल होगा लाइव स्किल की जिक्र अब हर साल टीचर को इस रिपोर्ट कार्ड में लिखना होगा कि बच्‍चे में कौन सी लाइव स्किल जोड़ी जानी चाहिए। इसके लिए हर लाइफस्किल के ऊपर चर्चा करता हुआ रिपोर्ट कार्ड बनेगा और सेंट्रल डाटाबेस में उसे सेव किया जाएगा। जब बच्‍चा बारहवीं पास करके निकलेगा, तब आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के जरिए यह बता सकेंगे कि पिछले पंद्रह साल में उसने क्या-क्या लाइफ स्किल हासिल किए हैं। इसके लिए हर एक बच्‍चे का लर्निंग आउटकम ट्रैक किया जाएगा। नेशनल असेसमेंट सेंटर...

स्कूल के दौरान ही बच्चों को करनी होगी 10 दिन की इंटर्नशिप, कक्षा 3 से साइंटिफिक टेम्‍पर डेवलप करने के लिए तैयार होगा पाठ्यक्रम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद नई शिक्षा नीति (National Education Policy 2020) को मंजूरी मिल गई है। 34 साल बाद देश की शिक्षा नीति में बदलाव किए गए हैं। इससे पहले 1986 में बनी शिक्षा नीति के मुताबिक हमारे देश के सभी स्कूलों में किताबी ज्ञान पर ज्यादा जोर दिया जाता था। साथ ही बच्चे के रिपोर्ट कार्ड पर एक तरफ मार्क्स तो दूसरी तरफ 'बच्‍चा क्लास में बात बहुत करता है, बच्‍चा फोकस नहीं करता, आदि' कमेंट्स लिखें जाते थे। लेकिन अब नई शिक्षा नीति के बाद रिपोर्ट कार्ड में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। अब खुद बच्चे भी कर सकेंगे मूल्‍यांकन अब टीचर को कार्ड में लिखना होगा कि बच्‍चे ने कौन से स्किल हासिल किए। इतना ही नहीं बच्‍चे का रिपोर्ट कार्ड सिर्फ टीचर ही नहीं, बल्कि खुद बच्‍चा और साथ में उसके सहपाठी भी उसका मूल्‍यांकन करेंगे। इसके अलावा शिक्षा नीति में हुए बदलाव के मुताबिक अब स्कूल के बच्‍चों को 10 दिन की इंटर्नशिप भी करनी होगी। नई शिक्षा नीति की बड़ी बातें:- अब स्कूल में शुरूआती 5 सालों में प्‍ले बेस्‍ड एक्टिविटीज के जरिए पढ़ाई कराई जाएगी। ...

इस साल 29 नवंबर को आयोजित होगा कॉमन एडमिशन टेस्ट, 5 अगस्त से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन प्रोसेस, 16 सितंबर तक करें अप्लाय

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देश में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) के पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाले कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT या कैट) 2020 का इस साल के लिए शेड्यूल जारी कर दिया गया है। परीक्षा के लिए जारी शेड्यूल के मुताबिक आईआईएम कैट 2020 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 5 अगस्त सुबह 10 बजे से लेकर 16 सितंबर 2020 शाम 5 बजे तक जारी रहेगी। 29 नवंबर को होगी परीक्षा परीक्षा का आयोजन देखभर में 29 नवंबर को किया जाएगा। इसके अलावा कैट 2020 के लिए एडमिट कार्ड 28 अक्टूबर से परीक्षा के दिन तक यानी 29 नवंबर 2020 तक ही डाउनलोड किये जा सकेंगे। परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवार कैट 2020 का शेड्यूल और नोटिफिकेशन ऑफिशियल वेबसाइट iimcat.ac.in पर देख सकते हैं। कैसे करें कैट 2020 के लिए रजिस्ट्रेशन? कैट 2020 के लिए रजिस्ट्रेशन ऑफिशियल वेबसाइट iimcat.ac.in के जरिए किए जाएंगे। इसके लिए उम्मीदवारों को वेबसाइट के होम पेज पर दिए गए न्यू कैंडिडेट रजिस्ट्रेशन लिंक से अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह रजिस्ट्रेशन लिंक 5 अगस्त से एक्टिव किया जाएगा। जारी शेड्यूल के मुताबिक परीक्षा परिणाम जनवरी 2021 के दूसरे...

IITs में ह्यूमैनिटीज और आर्ट्स सब्जेक्ट्स भी पढ़ाए जाएंगे, देश के सभी इंस्टीट्यूट में एडमिशन के लिए एक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट होगा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में नई शिक्षा नीति (National Education Policy 2020) को मंजूरी दे दी गई है। 34 साल बाद देश की शिक्षा नीति में बदलाव हुए हैं। सरकार ने 2035 तक हायर एजुकेशन में 50% एनरोलमेंट का लक्ष्य तय किया है। नई शिक्षा नीति के तहत तकनीकी संस्थानों में भी आर्ट्स और ह्यूमैनिटीज के विषय पढ़ाए जाएंगे। साथ ही देश के सभी कॉलेजों में म्यूजिक, थिएटर जैसे कला के विषयों के लिए अलग विभाग स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा। ऐसे कई फैसले नई शिक्षा नीति के ड्राफ्ट के मुताबिक लिए गए हैं। यह ड्राफ्ट इसरो के वैज्ञानिक रह चुके शिक्षाविद के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में तैयार हुआ था। जानें उन बड़े बदलावों के बारे में जो भारतीय शिक्षा की नई दिशा तय करेंगे। भारत में कैंपस बना सकेंगी दुनिया भर की यूनिवर्सिटी भारतीय शिक्षा प्रणाली वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों को अपना सके। इसके लिए दुनियाभर की बड़ी यूनिवर्सिटीज को भारत में अपना कैंपस बनाने की अनुमति भी दी जाएगी। कैबिनेट ने एचआरडी (ह्यूमन रिसोर्स एंड डेवलपमेंट) मिनिस्ट्री का नाम बदलकर मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन...

बेनेट यूनिवर्सिटी के बीए इन लिबरल आर्ट्स या बीसीए इन डेटा साइंस और क्लाउड कंप्यूटिंग प्रोग्राम में अभी नामांकन करवाएं

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पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों की 180 साल से भी पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, टाइम्स ऑफ इंडिया समूह ने बेनेट यूनिवर्सिटी की स्थापना की है। इसका उद्देश्य भारत के अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट्स को प्रख्यात यूनिवर्सिटी की गुणवत्ता की शिक्षा मुहैया करवाना है। उन्हें जीवन और करियर के लिए तैयार बनाना है। ग्रेटर नोएडा में स्थित यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा के सभी क्षेत्रों में छात्रों का कौशल विकास करने के साथ ही इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के माहौल को बढ़ावा दिया जाता है। भविष्य के ट्रेंड और इंडस्ट्री की डिमांड को ध्यान में रखते हुए बेनेट यूनिवर्सिटी ने छात्रों को नई दुनिया की चुनौतियों का सामना करने में समर्थ होने के लिए दो अत्याधुनिक पाठ्यक्रम लॉन्च किए हैं। बीए इन लिबरल आर्ट्स लिबरल आर्ट्स एजुकेशन आपको लीडरशिप के लिए प्रशिक्षित करती है करियर के क्षेत्र में व्यापकता: क्या आप जानते हैं कि स्टारबक्स, यू ट्यूब, एचबीओ और वाल्ट डिजनी जैसे विशाल साम्राज्य को खड़ा करने वाले सीईओ ने लिबरल आर्ट्स में पढ़ाई की है? दूसरे शब्दों में कहा जाए तो महान नेतृत्वकर्ताओं के पास बहु-आयामी स्किल ...

ग्राफिक डिजाइन, वेब डवलपमेंट और बिजनेस रिसर्च में स्किल्स डेवलेप करने के साथ ही मंथली अर्निंग का मौका देंगी यह इंटर्नशिप्स

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कोरोना की रोकथाम के लिए लगाए लॉकडाउन के चलते 31 जुलाई तक स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। ऐसे में इस साल नया सत्र समय पर शुरू नहीं हो पाएगा। कई दिनों से घरों में बंद स्टूडेंट्स के लिए इस खाली समय को काटना भी एक चुनौती है। हालांकि, अगस्त के महीने में इंटर्नशिप के ऐसे कई अवसर हैं, जिनके जरिए आप इस समय का सदुपयोग कर नई स्किल्स को डेवलप कर सकते हैं। इन इंटर्नशिप के जरिए स्किल डेवलपमेंट के साथ ही अर्निंग करने का भी यह अच्छा मौका है। यहां विभिन्न इंटर्नशिप्स की जानकारी के साथ ही वह लिंक भी दी गई हैं। जिनपर क्लिक कर आप इंटर्नशिप के लिए अप्लाय कर सकते हैं। वॉइस ओवर (इंग्लिश) कंपनी: मून मर्चेंट डिजिटल कमपनी कहाँ: वर्क फ्रॉम होम वेतन: 3,000 रूपये प्रति माह आवेदन की अंतिम तिथि: 15 अगस्त 2020 यहाँ आवेदन करें: internshala.com/i/4685748 मार्किट रिसर्च कंपनी: गिगइंडिया कहाँ: वर्क फ्रॉम होम वेतन: 20,000 रूपये प्रति माह आवेदन की अंतिम तिथि: 15 अगस्त 2020 यहाँ आवेदन करें: internshala.com/i/4685749 डिजिटल मार्केटिंग कंपनी: हारकिन ग्लोबल सोलूशन्स कहाँ: वर्क फ्रॉम होम वेतन: 5,00...

SISTec – छात्रों के लिए एक सही करियर विकल्प

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मध्य भारत में अग्रणी सागर ग्रुप के सागर इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी® (SISTec) इंजीनियरिंग, फार्मेसी व मैनेजमेंट कॉलेज पिछले तीन दशकों से शिक्षा के क्षेत्र में देश व प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पहचाने जाते है। सागर ग्रुप प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में सागर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के बैनर तले स्कूल शिक्षा में पाँच सागर पब्लिक स्कूल और टेक्नो-प्रोफेशनल शिक्षा में सिस्टेक कॉलेजों की श्रंखला में गांधी नगर व रातीबड़ कैंपस से संचालित टॉप के तीन इंजीनियरिंग कॉलेज, एक फ़ार्मेसी इंस्टीट्यूट और एक बिज़नेस स्कूल का संचालन कर रहा है । SISTec आज मध्य भारत का सबसे पसंदीदा शिक्षण गंतव्य है और औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र में कार्यरत ग्रुप से जुड़ा और अपनी एक अलग पहचान बनाये हुए है । सिस्टेक इंजीनियरिंग छात्रों को उद्योग व कॉर्पोरेट जगत से जोड़ने के लिये जाना जाता है और इसमें प्रवेश लेने वाले छात्र कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में मशीन लर्निंग और आर्टीफिशियल इटेंलीजेंस; इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में वीएलएसआई और रोबोटिक्स; इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एंबेडेड सिस्टम व डिज़ा...

मध्य प्रदेश व्यापमं ने 282 पदों पर जेल प्रहरी की भर्ती के लिए मांगे आवेदन, 10 अगस्त तक करें अप्लाय, 2017 के बाद अब जारी किया नोटिफिकेशन

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मध्य प्रदेश व्यापमं ने जेल प्रहरी के 282 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। राज्य सरकार ने तीन साल यानी 2017 के बाद अब यह इन भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार www.vyapam.nic.in पर ऑनलाइनअप्लाय कर सकते हैं। यह भर्ती 282 पदों के लिए की जा रही है, जिसमें से 56 पद संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। जबकि 256 सीधी भर्ती के 226 पद हैं। जेल प्रहरी के लिए अनारक्षित वर्ग के पुरुष उम्मीदवार के लिए 33 वर्ष और अनारक्षित वर्ग महिला की आयु 38 वर्ष तय है। योग्यता- 10वीं-12वीं पदों की संख्या - 282 पद (जेल प्रहरी) आवेदन की आखिरी तारीख- 10-08-2020 आयु सीमा- उम्मीदवार की आयु 18 - 33 साल के अंदर होनी चाहिए। सिलेक्शन प्रोसेस- इसमें लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट में किए प्रदर्शन के अनुसार कैंडिडेट का सिलेक्शन होगा। सैलरी- 19,500 - 62,000/- आवेदन फीस- जनरल/ओबीसी- ₹500/- एससी/एसटी/महिला- ₹250/- ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी करने के लिए यहां क्लिक करें आवेदन करने के लिए यहां क्लिक करें Download Dainik Bhaskar App to read Latest ...

इंडिया हैकथॉन के ग्रैंड फिनाले में 10 हजार स्टूडेंट्स से रूबरू होंगे पीएम मोदी, एक से तीन अगस्त के बीच 243 टॉस्क पूरे करेंगे ये बच्चे

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स्मार्ट इंडिया हैकथॉन के ग्रैंड फिनाले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अगस्त को शाम सात बजे स्टूडेंट्स से संवाद करेंगे। हर साल हैकथॉन में सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की समस्याओं के तकनीकी समाधान दिए जाने के मौके पर पीएम स्टूडेंट्स से रूबरू होते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री स्टूडेंट्स को आत्मनिर्भर भारत के तहत ज्यादा से ज्यादा तकनीक इजाद करने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे। एक से तीन अगस्त के बीच ग्रैंड फिनाले इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में AICTE अधिकारियों के साथ ग्रैंड फिनाले की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2020 का ग्रैंड फिनाले एक से तीन अगस्त के बीच होगा। इसमें देशभर से चुने गए दस हजार स्टूडेंट्स की टीम 243 समस्याओं का तकनीक से समाधान निकालेंगी। 4.5 लाख स्टूडेंट्स ने लिया भाग इस प्रतियोगिता के चौथे संस्करण में 4.5 लाख स्टूडेंट्स ने भाग लिया था। पहले स्तर की स्क्रीनिंग कॉलेज लेवल में जनवरी में हुई। इसके बाद विजेता टीमों की नेशनल लेवल पर एक्सपर्ट्स और मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा स्क्रीनिंग की गई, जिसमें चयनित दस हजार स्टूडेंट्स...

भारतीय स्टूडेंट्स को विदेश जाने से रोकने के लिए IIT, NIT, IISc समेत देश की टॉप इंस्टीट्यूट में बढ़ेंगी सीटें, देश में शुरू होंगे नए कोर्स और डिग्री प्रोग्राम

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इस साल नए शैक्षणिक सत्र से IIT, NIT, IISc समेत शीर्ष संस्थानों की सीट में बढ़ोतरी की जाएगी। अपने चुनावी घोषणा पत्र के तहत मोदी सरकार 2024 तक इन सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी कर लेगी। इतना ही नहीं विदेशों की तर्ज पर गुणवत्ता युक्त शिक्षा और रोजगार मुहैया करवाने के मकसद से बाजार की मांग के आधार पर नए कोर्सेस को भी जोड़े जाएगा। होनहार स्टूडेंट्स को विदेश जाने से रोकना है मकसद पिछले हफ्ते उच्च शिक्षा को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीट बढ़ोतरी और इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (IOE) की संख्या बढ़ाने पर चर्चा की गई। सीट बढ़ाने का सरकार का मकसद होनहार स्टूडेंट्स को विदेश जाने से रोकना है। भारतीय स्टूडेंट जिन विषयों और डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई के लिए फॉरेन यूनिवर्सिटीज में दाखिला लेते हैं, वैसी ही सुविधाएं भारतीय शिक्षण संस्थानों में शुरू की जाएगी। इसके लिए IIT, NIT समेत देश के बेहतरीन संस्थानों में ऐसे कोर्स, डिग्री प्रोग्राम शुरू करने के साथ ही सीटों में भी बढ़ोतरी होगी। मार्केट डिमांड और रोजगार देने वाले डिग्री प्रोग्राम होंगे शुरू इस क्रम में ...

स्टे इन इंडिया और स्टडी इन इंडिया के लिए सेज यूनिवर्सिटी की अनूठी पहल

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पढ़ाई के लिए विदेश जाने के इच्छुक छात्रों के लिए भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्टे इन इंडिया और स्टडी इन इंडिया का नया नारा दिया है। कोविड-19 के खतरे को देखते हुए विदेश जाकर पढ़ाई करना एक सुरक्षित विकल्प नहीं है। कई पेरेंट्स अपने बच्चों को विदेश भेजने से डर रहे हैं और भारत में ही अच्छी यूनिवर्सिटीज और कॉलेज की तलाश कर रहे हैं। हालांकि हमारे देश में भी एक से बढ़कर एक यूनिवर्सिटी और एजुकेशन इंस्टीट्यूट मौजूद हैं, जहां विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए कोर्सेस डेवलप किए गए हैं। मध्यभारत के अग्रणी सेज ग्रुप ने सरकार की इस मुहिम को साकार करने का बीड़ा उठाया है। सेज यूनिवर्सिटी में विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के साथ ही इंडस्ट्री की आज और भविष्य की डिमांड को पूरा करने के लिए नए-नए कोर्सेस डेवलप किए गए हैं वहीं हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के साथ भी करार किया है। इस बारे में सेज ग्रुप की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर साक्षी अग्रवाल के साथ हमारी टीम ने खास बातचीत की और जाना कि कोविड-19 के इस दौर में भारत और खासतौर पर मध्यभारत के छात्रों के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करने और विश्...

आज शाम 4 बजे जारी होगा 10वीं बोर्ड का रिजल्ट, ऑफिशियल वेबसाइट rajresults.nic.in देख सकेंगे नतीजे

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राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) कल यानी 28 जुलाई मंगलवार शाम 4 बजे कक्षा 10वीं का रिजल्ट जारी करेगा। इस साल 10वीं बोर्ड की परीक्षा में 11 लाख 79 हजार 830 स्टूडेंट्स 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुए थे। स्टूडेंट्स 10वीं का रिजल्ट बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर देख सकते हैं। 12वीं के नतीजे जारी इससे पहले राजस्थान बोर्ड ने कक्षा 12वीं आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के रिजल्ट जारी किए थे। साइंस और कॉमर्स का रिजल्ट 8 और 13 जुलाई को घोषित किए गए थे। इस साल साइंस में कुल 91.96% स्टूडेंट्स पास हुए, जबकि 94.49% छात्रों ने कॉमर्स स्ट्रीम की परीक्षा पास की। 21 जुलाई को जारी RBSE 12वीं बोर्ड के आर्ट्स के परीक्षा परिणाम में 90.70% स्टूडेंट्स उत्तीर्ण हुए। ऐसे देखें रिजल्ट सबसे पहले बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। अब 10वीं के परिणाम के लिंक पर क्लिक करें। यहां अपना रोल नंबर डालें और सबमिट करें। अब आपका रिजल्ट स्क्रीन पर डिस्प्ले हो जाएगा। पिछले साल 79.85% स्टूडेंट्स हुए पास साल 2019 में, राजस्थान बोर्ड की कक्षा 10वीं में कुल 79.85% ...

मध्य प्रदेश में 24 अगस्त से 9 सितंबर के बीच ऑनलाइन आयोजित होगी इंजीनियरिंग- फॉर्मेसी की फाइनल ईयर की परीक्षाएं

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यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन यूजीसी की नई गाइडलाइंस के बाद से ही मध्यप्रदेश में फाइनल ईयर की परीक्षाओं को लेकर स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर परीक्षाओं के बारे में बड़ा ऐलान किया है। सीएम एक के बाद एक किए अपने ट्वीट्स के जरिए परीक्षा के आयोजन के बारे जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कोरोना के कारण बने हालातों के मद्देनजर सभी टेक्नीकल कोर्सेस के दूसरे सेमेस्टर से लेकर सातवें सेमेस्टर तक के स्टूडेंट्स को पिछले साल / सेमेस्टर के रिजल्ट और सेमेस्टर के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगले सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, राज्य में इंजीनियरिंग और फॉर्मेसी के ग्रेजुएशन कोर्सेस के फाइनल ईयर या सेमेस्टर के स्टूडेंट्स की थ्योरिटिकल और प्रैक्टिकल परीक्षाएं 24 अगस्त 2020 से लेकर 9 सितंबर 2020 के बीच 'ऑनलाइन मोड' में आयोजित होंगी। डिप्लोमा की परीक्षा 27 अगस्त से डिप्लोमा कोर्सेस के फाइनल ईयर/सेम. के स्टूडेंट्स की थ्योरिटिकल और प्रैक्टिकल परीक्षाएं 27 अगस्त 2020 से 14 सितंबर 2020 के बीच ऑनलाइ...

मध्य प्रदेश बोर्ड में असफल रहे स्टूडेंट्स को मिलेगा एक और मौका, रुक जाना नहीं योजना के तहत दे सकेंगे दोबारा परीक्षा

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मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने सोमवार दोपहर 3:00 बजे रिजल्ट जारी कर दिया। परीक्षा में इस साल 68.81 फीसदी रेगुलर स्टूडेंट्स जबकि 28.70 फीसदी प्राइवेट स्टूडेंट्स पास हुए। इसके साथ ही इस बार का पास प्रतिशत 3.56 फीसदी की गिरावट के साथ 68.81 फीसदी रहा। स्टूडेंट्स को मिलेगा दोबारा मौका वहीं, एमपी बोर्ड की 10वीं- 12वीं की परीक्षाओं में असफल हुए स्टूडेंट्स को राज्य सरकार ने एक और मौका दिया है। ऐसे स्टूडेंट्स को सरकार की तरफ से ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत दूसरा मौका दिया जाएगा। परीक्षा में असफल रहे 10वीं के स्टूडेंट्स कल यानी 28 जुलाई जबकि 12वीं के स्टूडेंट्स 5 अगस्त तक एमपी ऑनलाइन के जरिए निर्धारित शुल्क जमा कर दोबारा परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। दिसंबर में भी सकेंगे परीक्षा इस योजना में यह भी सुविधा है कि यदि कोई स्टूडेंट अगस्त 2020 की परीक्षा में पास नहीं हो पाता है, तो वह बाकी बचे अनुत्तीर्ण विषयों की परीक्षा दिसंबर में दे सकते हैं। स्टूडेंट्स को इसके लिए एमपी ऑनलाइन पर फिर से अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस योजना का फायदा रेगुलर और प्राइवेट दोनों ही तरह के स्टू...